अनजान कॉर्नर
यह ब्लॉग अमन बेरीवाल द्वारा लिखी गयी कविताओ का संग्रह है|
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Anjaan Kor'Nor
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Thursday, January 31, 2013
कुछ बाते,
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सीपियो मे था जब तक मोती था मैं... बाहर निकल तो पत्थरो मे पहचान तलाशता मैं खो गया है जो ज़माने की भीड़ मे... अपनी हस्ती का वो निशान तलाश...
Saturday, January 5, 2013
कुछ बाते
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बूँदो को मैने भी बरसते देखा है... धरती को मैने भी तरसते देखा है... दिल से दिल लगा कर पूछ लेता है हाल कोई सिरफिरा... यूँ जिंदगी को गमो म...
Wednesday, January 2, 2013
कुछ बाते,
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कलम मोहताज़ नही होती ज़माने की अनुशंसा की.. अपने बूते कभी इतिहास ओर कभी भूगोल बदल दिया करती है... चल पड़ती है जब ये मदमस्त हो कर गलियो से ग...
Wednesday, December 26, 2012
कुछ बाते
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बदल जाती है इबादत इस ज़माने की बदलते मौसम के साथ.. कभी धूप कभी पानी कभी शीत हवाओ की आस लगाए मिलते है.. चंदन से लिपटा है नाग जैसे वो लिपट...
Sunday, November 25, 2012
इन पलो को चलो फिर से पिरोए हम...
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इन पलो को चलो फिर से पिरोए हम... कुछ सपने खुली आँखो से भी संजोए हम देखे है बिखरते अपने भी और पराए भी.. आँखे बंद कर अब चैन की नींद सोए ह...
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