अनजान कॉर्नर
यह ब्लॉग अमन बेरीवाल द्वारा लिखी गयी कविताओ का संग्रह है|
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Anjaan Kor'Nor
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Saturday, March 24, 2012
क्या तुम मात्र एक मृत् हो??
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क्या तुम मात्र एक मृत् हो?? सच को तुम मिटा चुके हो.. दास्तान आज़ादी की जला चुके हो.. कुर्बानिया अशफ़ाक बिस्मिल की... लगता तुम भुला चुके...
Thursday, March 22, 2012
कभी तो तू जाग भी जा
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क्यों तू चुप बैठा है क्यों तू सब सहता है कभी तो तू जाग भी जा कभी तो अपना हक दिखा जब आकर कोई तेरे दरवाजे पर तुझ को ही धमकाता है तू क्य...
Friday, March 16, 2012
मैने इस दुनिया को बदलते देखा है..
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मैने इस दुनिया को बदलते देखा है.. कभी बंजर था जो टुकड़ा ज़मीन का मर रहा था जीवन जहाँ हर पल वहाँ सख़्त माटी की परतो मे कभी हरी घास को प...
सच
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डरे क्यों मुश्किलो से.. जब ज़िंदगी नाम है इम्तिहानो का.. पल में है खाली हाथ.. पल में तू मालिक ख़ज़ानो का.. पहचान है भीड़ की तू कभी.. कभी ...
1 comment:
Thursday, March 8, 2012
रंग ज़िंदगी के
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कभी गम के रंगो में डूबा.. कभी खुशियो के रंग उड़ाए.. कभी मुस्कुराते हुए अधरो से.. आँखो की नमी छुपाए.. कई रंगो से रंग चुका हूँ.. ओर कई रं...
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