अनजान कॉर्नर
यह ब्लॉग अमन बेरीवाल द्वारा लिखी गयी कविताओ का संग्रह है|
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Anjaan Kor'Nor
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Sunday, October 28, 2012
क्यों ना एक बार
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क्यों ना एक बार सब फ़ासले मिटाए जाए.. क्यों ना एक बार फिर दिल से दिल मिलाए जाए... क्यों रहे घरोंदा हमारा मातम के साए मे क्यों ना उस मे ...
Thursday, October 11, 2012
जब भी ज़िक्र होगा मोहब्बत का ...
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समेट लू इन गुज़रते लम्हो को अपने मन के किसी कोने मे.. ये याद आएँगे हर दूं.. जब भी ज़िक्र होगा मोहब्बत का ... कि तुम थे एक कोशिश मे.. साथ...
कुछ बाते
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कभी रास्तो पर जो मुलाकात हो जाए तुमसे... नज़र मिला कर फिरा लेना अजनबी हो जैसे.. मेरी एकटक देखती आँखो के चुभते सवालो से.. कही खुद को तुम...
Thursday, October 4, 2012
एक ढके चेहरा का नकाब उतार कर दिखलाता हू..
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बँधी है बेड़ियाँ कुछ वो फिर से तुम्हे सुनाता हू.,. एक ढके चेहरा का नकाब उतार कर दिखलाता हू.. खादी पहन डाकू भी संसद मे पहुँच जाता है.. ...
Monday, September 17, 2012
कुछ बाते
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1) जब नीली आँखो का सागर खींचता अपनी ओर हर लहर के साथ... कदम जम जाते है .. आख़िर कभी इनमे डूबने की चाह रखने वाला आज काश्तियों के सहार...
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