अनजान कॉर्नर
यह ब्लॉग अमन बेरीवाल द्वारा लिखी गयी कविताओ का संग्रह है|
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Anjaan Kor'Nor
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Saturday, December 31, 2011
जन्नत से अज़ीज है तू..
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तुझे खो कर पाया है जो.. दुनिया की नज़र मैं जन्नत हैं जन्नत से अज़ीज है तू.. मेरी दुआओ की मन्नत है.. उलझानो मे हू कि हाल ए दिल बयाँ कै...
Thursday, December 29, 2011
जो होता पास तू मेरे..
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जो होता पास तू मेरे.. दिन गुज़रता.. पकड़े तेरा हाथ तस्वीर होती आँखो मे हर शाम सपनो का बिस्तर पर जब सोता जो होता पास तू मेरे.. ना होत...
Monday, December 26, 2011
अभी तो मुझे बहुत दूर जाना है..
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ज़िंदगी का यूँ साथ निभाना है.. अभी तो मुझे बहुत दूर जाना है.. वादे किए थे किसी से जो.. अभी तो मुझे उनको निभाना है.. चला था जब घर से कल...
Sunday, December 25, 2011
बस कुछ दूर ओर
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सन्नाटा है पैर फैलाए हुए.. ना कोई कसक है ना कोई आवाज़.. खामोशी इतनी है की.. हवा भी सुनाई देती है.. ... बस कुछ दूर ओर.. एक रोशनी न...
बुनियाद
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लड़ते है सब धर्म के नाम से.. भला कहीं धर्म भी बुरा होता है.. कसूर नही है ये किसी धर्म का.. स्वार्थ तो इंसान का ही बुरा होता है कमजोर क...
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