अनजान कॉर्नर
यह ब्लॉग अमन बेरीवाल द्वारा लिखी गयी कविताओ का संग्रह है|
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Anjaan Kor'Nor
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Monday, September 17, 2012
कुछ बाते
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1) जब नीली आँखो का सागर खींचता अपनी ओर हर लहर के साथ... कदम जम जाते है .. आख़िर कभी इनमे डूबने की चाह रखने वाला आज काश्तियों के सहार...
Saturday, September 8, 2012
यूँ मेरा देश भी मेरा अपना नही,,,,
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कहने को दुनिया मुट्ठी में हैं अपने,, यूँ मेरा देश भी मेरा अपना नही,,,, जिन की खातिर कितने कुर्बान हो गये हंसते हंसते.. मेरी आँखो मे आज ...
Wednesday, August 29, 2012
कुछ बाते
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जलना है काम उसका.. वो दो पल की ज़िंदगी से ही खुश है.. सागर किनारे की तरह अपनी खामोशी मे ही खुश है.. गम नही की मिला ना साथ तेरा मेरी मंज़...
पर सपना मेरा बिखर जाता है..
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कहीं दूर क्षितीज़ के पास... जहाँ ये आसमान.. धरती से मिल जाता है... उसी तरह अंत मे मेरी सोच के हाशिए पर तेरा मेरा रिश्ता.. हमेशा ही...
Monday, August 27, 2012
मैं
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मध्यम मध्यम पूर्वा.. अटखेलियाँ करती हुई.. एक जोश भरते हुई.. कंपकपाते हुए शब्द मेरे.. अब एक आवाज़ बनने लगे है.. मैं भी तो हू झोंका,,...
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