अनजान कॉर्नर
यह ब्लॉग अमन बेरीवाल द्वारा लिखी गयी कविताओ का संग्रह है|
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Anjaan Kor'Nor
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Sunday, November 25, 2012
इन पलो को चलो फिर से पिरोए हम...
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इन पलो को चलो फिर से पिरोए हम... कुछ सपने खुली आँखो से भी संजोए हम देखे है बिखरते अपने भी और पराए भी.. आँखे बंद कर अब चैन की नींद सोए ह...
Friday, November 9, 2012
सैनिक : ज़िंदगी से अंतिम मुलाकात
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वक़्त आ गया है तुझे अलविदा कहने का ए ज़िंदगी.. मैं अब इस पावन भूमि पर मिटने चला हू... एक और कहानी मौत से प्यार की.. आए ज़िंदगी देख मैं बयान...
Monday, November 5, 2012
कुछ बाते
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छुपा कर नो रखो आँखो को पलको के पीछे... इन्ही से आज बात होने दो... लब तुम्हारे बंद है कब से... आज इनकी जूस्तजू मे रात होने दो... दिल की...
Sunday, October 28, 2012
क्यों ना एक बार
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क्यों ना एक बार सब फ़ासले मिटाए जाए.. क्यों ना एक बार फिर दिल से दिल मिलाए जाए... क्यों रहे घरोंदा हमारा मातम के साए मे क्यों ना उस मे ...
Thursday, October 11, 2012
जब भी ज़िक्र होगा मोहब्बत का ...
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समेट लू इन गुज़रते लम्हो को अपने मन के किसी कोने मे.. ये याद आएँगे हर दूं.. जब भी ज़िक्र होगा मोहब्बत का ... कि तुम थे एक कोशिश मे.. साथ...
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