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Wednesday, November 30, 2011

मुस्कान

मत समझना कि मुस्कुराते है जो

उन्हे कोई गम नही है...

ज़िंदगी उनकी भी है एक सफ़र

मुश्किले उनकी भी कम नही है.........

चलते है खामोश हवा से वो..

तूफान उनके मन मे कम नही है ..........

आवारा बादलो की तरह वो बरसते नही

मत समझना की उनका कोई मर्म नही है,,

एक मुस्कान मे सिमटी ज़िंदगी सारी उनकी

नसीब मे बेशक उनके दम नही है..................

फ़र्क है इतना बस अंजान..

उनकी आँखो मैं हार का गम नही है



रक़ीब

चल रही है साँसे यू तो आज भी..
पर अहसास था ज़िंदगी का जब वो करीब था...

कसमे थे साथ निभाने की कयामत तक..
ओर किस्सा नाज़ुक मोहब्बतो का  वो अजीब था..

तोड़कर चल दिया आशियाँ प्यार का
ओर सपनो के कफ़न मिला जिससे मेरा वो रक़ीब था

बेरूख़ी इतनी है अंजान उसकी की
लगता नसीब मे नही अब वो कभी जो मेरा नसीब था..

सुनहरा कल

ज़मीन के जिस टुकड़े के लिए
बहा दी नादिया हमने खून की

कैसे जियेंगी अवाम हमारी..
ज़िंदगी वहाँ सुकून की..

क्या मिला अंजान हमे इतनी नफ़रत से..
है बस ये लड़ाई एक जुनून की..


आओ मिल कर बढ़ाए हम आगे..
झगड़ा छोड़ परवाह करे दो वक़्त के चून की..


शाम हो हर लम्हा मस्तानी..
रहे गरिमा बिखरी जैसे अरुण की..

हम भी जिए ओर तुम भी जियो
ओर वतन जिए ज़िंदगी एक सुकून की

Tuesday, November 29, 2011

हसरते

हसरते बन जाए एक जुनून जब..
सच हज़ारो का इंसान भूल जाता है..

जब होता है जोश तूफ़ानो का..
वजूद किनरो का यू सागर भूल जाता है..


ताक़त है उसकी पहाड़ो से नये रास्ता बनाने की..
लेकिन अपने रास्तो का ही पता वो भूल जाता है..

गुरूर अपनी उँचाइयो का इतना की..
सीडियो का अहसान अक्सर वो भूल जाता है..


ये उसूल इस ज़माने के अंजान
मुझको व्यथित कर जाते है..

सच करू बयान गर मैं
मुझको खामोश ये कर जाते है..

Monday, November 28, 2011

आँसु

रखना संभाल के इन आँसुओ को..
अनमोल मोतियो से बढ़कर है ये किसी के लिए..

मत कर रुसवा इस ज़िंदगी को
अपनी ज़िंदगी से बढ़कर है ये किसी के लिए

जो गया उसे कद्र नही तेरी मोहब्बत की.
ओर इस कायनात से बढ़कर है तू किसी के लिए..

अंजान रख संभाल कर वो हसीन पल प्यार के..
सारे सपनो से बढ़कर है वो किसी के लिए...